उत्तर प्रदेश संग्रहालय निदेशालय
संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश


संग्रहालयों की गतिविधियां एवं कार्य-कलाप

1 - संस्कृति विभाग, उ0प्र0 शासन द्वारा जारी सांस्कृतिक वार्षिक कैलेण्डर के अनुसार प्रदेश के समस्त संग्रहालयों में शैक्षिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

2 - राज्य संग्रहालय, लखनऊ एवं उ0प्र0 राजकीय पुरातत्व निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में प्रतिवर्ष कला अभिरूचि पाठ्यक्रम का आयोजन किया जाता है, जिसमें शोधार्थी, विद्यार्थी व बुद्धिजीवी वर्ग को ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर जानकारी प्रदान की जाती है।

3 - संग्रहालय की शैक्षिक गतिविधियों के अन्र्तगत समय-समय पर गोष्ठी, व्याख्यान व व्याख्यानमालाएं तथा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में होने वाले महोत्सवों में विषयगत प्रदर्शनी का आयोजन संग्रहालयों द्वारा किया जाता है। संग्रहालयों द्वारा विभिन्न स्कूलों व कालेजों के छात्र-छात्राओं को संग्रहालय से संबंधित विषयवस्तु का सम्यक ज्ञान कराता है।

4 - प्रदेश के विभिन्न राजकीय संग्रहालयों द्वारा दुर्लभ एवं विशिष्ट कलाकृतियों की प्लास्टर ऑफ पेरिस की अनुकृतियां तैयार कराकर उन अनुकृतियों का विक्रय का कार्य किया जाता है जिससे जन सामान्य में भारतीय संस्कृति कला के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ प्रदेश को राजस्व की प्राप्ति भी होती है।

5 - शोधार्थियों को ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विषय से संबंधित कलाकृतियों के छायाचित्र उनकी मांग पर उपलब्ध कराए जाते हैं। राज्य संग्रहालय, लखनऊ को छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर एवं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शोध केन्द्र के रूप में मान्यता प्राप्त है।

6 - प्रदेश के विभिन्न जिलों से समय-समय पर प्राप्त कलाकृतियों का अधिग्रहण, अभिलेखीकरण व संरक्षण तथा परिरक्षण का कार्य संग्रहालय द्वारा किया जाता है।

7 - उ0प्र0 संग्रहालय निदेशालय प्रदेश के अशासकीय क्षेत्रीय संग्रहालयों एवं विश्वविद्यालयों के संग्रहालयों को अनुदान दिलाने हेतु संस्तुति भी प्रदान करता है जिससे क्षेत्रीय संग्रहालयों का संवर्द्धन व विकास हो सके।

8 - प्रदेश के राजकीय संग्रहालयों में पुस्तकालय स्थापित हैं, जिससे विद्यार्थी, शोधार्थी, बुद्धिजीवी व सामान्य जनमानस समय-समय पर उपयोग कर ज्ञानार्जन करते हैं।

9 - संग्रहालयों में प्रवेश शुल्क व कैमरा शुल्क मुख्य रूप से राजस्व प्राप्ति का साधन हैं तथा इसके अतिरिक्त प्रकाशन कें अन्तर्गत पुस्तकों, फोटो कार्ड एवं अनुकृतियों के विक्रय से प्रदेश को राजस्व की प्राप्ति होती है।

10 - संग्रहालय निदेशालय के प्रकाशन के अन्तर्गत पुरातत्व संग्रहालय पत्रिका का समय-समय पर प्रकाशन किया जाता है तथा कलाकृतियों के सूची पत्रों का प्रकाशन भी किया जाता है। संग्रहालयों द्वारा आयोजित समय-समय पर प्रदर्शनियों के फोल्डर को भी प्रकाशित किया जाता है।

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