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राजकीय जैन संग्रहालय, मथुरा (2003)

राजकीय जैन संग्रहालय, मथुरा (2003)

जैन संग्रहालय, मथुरा. राजकीय जैन संग्रहालय, मथुरा. विवरण, प्रारम्भ में यह संग्रहालय स्थानीय तहसील के पास एक छोटे भवन में रखा गया था। कुछ परिवर्तनों के बाद सन् 1881 में उसे जनता के लिए खोल दिया गया।

राजकीय जैन संग्रहालय – इसकी मथुरा रेलवे स्‍टेशन से दूरी मात्र 2 कि‍लोमीटर की है। यह मथुरा तहसील के बराबर में स्थित है। आप यहां ऑटों या रिक्‍शा कर आसानी से पहुंच सकते है। मथुरा में बौद्धकला के साथ-साथ जैन कला का विकास हुआ था और यहां की कला विश्व भर में प्रसिद्ध है। राजकीय जैन संग्रहालय में सारी मूर्तियां मथुरा कला की ही हैं। जिसकी खासियत लाल पत्थर पर जीवंत कारीगरी है। मथुरा कला की पहचान है कि लाल पत्थर पर मूर्तियां बनती थीं और उनमें चेहरे के हाव भाव को जीवंत किया जाता है। मथुरा में अग्रेजों के शासन काल में कंकाली टीला के पास की गयी खुदाईं में जैन धर्म के तीर्थकरों की मू‍र्तियां प्राप्‍त की गयी थीं, लेकिन स्‍वतंत्रता प्रा‍प्ति के पश्‍चात कंकाली टीला से प्राप्‍त अधिकांश मूर्तियों को लखनऊ संग्रहालय में भेज दिया गया और कुछ मूर्तियों को मथुरा के जैन संग्रहालय में रखा गया है इन मूर्तियों में अधिकांश मू‍र्तियां खं‍डित है।


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